रविवार, 5 अप्रैल 2009

एक और व्‍यंग्‍य लेख ' हरिभूमि ' में प्रकाशित हो चुका है।

बड़ी सोच और बड़ी नोच


आज मेरा मित्र अविनाश, उछलता हुआ आता दिखाई दिया। मैं समझ गया, उछलने की उम्र तो है नहीं, पर आज फिर कोई गलत फहमी हो गयी होगी। आते ही बोला, पता है... हमारे देश का जो काला धन विदेशा बैंको में जमा है वह भारत आने वाला है। देश की गरीबी दूर हो जाएगी। मैंने कहा, ख्वाब देखना बुरा नहीं है पर बुरे ख्वाब देखना तो अच्छा नहीं है। क्यों इतने बुरे-बुरे ख्वाब देखता है। उन लोगों के दिल से पूछो जिन्होंने इस देश की खाल नोच-नोच कर ये ब्लैक मनी बनाई और भिजवाई है। देश को नोचना सबके बस की बात नहीं। कोई बड़ा मकसद रहा होगा। बड़े आदमियों की बड़ी सोच और बड़ी नोच।
अच्छा एक बात बता, पाकिस्तान के नवाज शरीफ सउदी अरब में रहे, बेनजीर इंग्लैंड में रहीं, हमारे देश के बड़े भी अगर बड़ी मुसीबत में फंस जाएं तो कहां जाएंगे और क्या खाएंगे। हमारे देशवासी विदेश में भीख मांगे... अच्छा लगता है क्या। देश की इज्जत का भी तो खयाल रखना है। देश का धन, सो अपना धन। भाई रे... ये अपनत्व की भावना है। ज्यादा खुश मत हो, खुश होना आम आदमी के हिस्से आया ही नहीं है। तू आम ही है जो चूसने का नहीं, चुसने का अधिकार रखता है।
इकाई, दहाई और सैंकड़ा से निकल कर अभी हजार यानि चैथे आंकड़े तक ही पहुंच पाया है तू। पूरे साल की पगार जोड़ेगा तो छटवें तक मुश्‍िकल से पहुंच पायेगा। इन बड़ी-बड़ी रकमों की तरफ देखेगा तो सर को इतना उठाना पड़ेगा कि अपनी ही टोपी गिरा लेगा। गणित फिर से पढ़ना पड़ेगा। गिनती दुबारा सीखनी होगी। सन् 2007 में करीब चैदह पद्म पच्चिस नील रुपये स्विस बैंक में जमा थे। अब सन् 2009 में एक संख तो हो ही गये होंगे। बोल....खबर गई सर के ऊपर से, या समझ गया कुछ ? ये संख मंदिर में बजने वाले और नील कपड़ों वाला नहीं है। अब गिनती दुबारा मत सीख लेना वरना तकलीफ होगी। वैसे मुझे विश्‍वास है कि तू इतना बड़ा तो नहीं हुआ है कि भारतीयता को इतनी जल्दी भूल जाए।
मेरी माने तो, इस बात से भी खुश मत हो कि उन लोगों की लिस्ट आउट हो जाएगी जो स्विस बैंकिये हैं। उन लोगों पर थूकने का भारतीय जनता को कोई अधिकार नहीं मिला है। वैसे न नो मन की तीयल होगी और न राधा नाचेगी। तूने अगर ऐसा करने की ठान भी रखी है तो आइडिया पोस्पोण्ड कर दे, कहीं ऐसा न हो कि कोई स्विस खाताधारी तेरी पान सुपारी दे बैठे। मेरी माने तो इस बात पर गर्व कर कि स्विस बैंकियो में भारतीय टॉप पर हैं। टॉप पर रहना भी शान की बात है, है न ?



पी के शर्मा
1/12 रेलवे कालोनी सेवानगर नई दिल्ली 110003
011, 24622733 मो, 9990005904
pawanchandan@gmail.com

3 टिप्‍पणियां:

  1. छापे जाओ

    छापे जाओ

    नाम हमारा
    बांटे जाओ।

    तब तक
    नेता लेंगे

    चोंच से

    धन नोंच।

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  2. बधाई ... सुंदर व्‍यंग्‍य है ... कहीं तो टाप पर हैं इंडियन ... सचमुच शान की बात है ये।

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टिप्‍पणी की खट खट
सच्‍चाई की है आहट
डर कर मत दूर हट