गुरुवार, 25 अक्तूबर 2007

रातबहार का बंदा

चौखट से दिखता है चंदा
है वो रातबहार का बंदा





दिखती है मनचाही छवि
चेहरा है चमकदार अभी

1 टिप्पणी:

  1. नमस्ते अविनाश जी, शुक्रिया शरत् चंद्र के दर्शन कराने के लिये। अभी बालकोनी से आकाश छाना, पर चाँद नज़र न आया, यहाँ आपके ब्लाग पर उसे पाया। चलो दर्शन तो हुए। धन्यवाद।

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टिप्‍पणी की खट खट
सच्‍चाई की है आहट
डर कर मत दूर हट