मंगलवार, 11 मार्च 2008

होली

चिंता न करना प्रिये ये होली के ढंग
बिन साबुन उड़ जाएंगे मंहगाई के रंग

3 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सही कहा आपने।बहुत बढिया!

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  2. वाह वाह मित्र
    क्‍या बात है
    महंगाई के रंग
    जो सदा से रही है संगीन
    उसे भी बतलाया रंगीन.

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  3. बहुत दिन बाद दिखे आप..अच्छा लगा.

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टिप्‍पणी की खट खट
सच्‍चाई की है आहट
डर कर मत दूर हट