शनिवार, 31 मई 2008

लोग कहते हैं, ये तो कहते ही रहेंगे

करने को हाथ पीले बाबुल का भाग्‍य कैसा
देता दहेज वर को लेकर उधार पैसा
वो कर्ज में दबेगा ये नोट हैं लुटाते
खुलती है रम की बोतल लब जा़म से लगाते
यूं ही सब पैसे की बरबादी हो रही है
लोग कहते हैं
शादी हो रही है

1 टिप्पणी:

  1. लोगों का काम है कहना
    कहने दो जो कहता है कोई
    आप तो एक ब्‍लाग बना दो
    लोग कहते हैं
    कहते ही रहते हैं.

    उत्तर देंहटाएं

टिप्‍पणी की खट खट
सच्‍चाई की है आहट
डर कर मत दूर हट