चौखट
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शनिवार, 31 मई 2008
लोग कहते हैं, ये तो कहते ही रहेंगे
करने को हाथ पीले बाबुल का भाग्य कैसा
देता दहेज वर को लेकर उधार पैसा
वो कर्ज में दबेगा ये नोट हैं लुटाते
खुलती है रम की बोतल लब जा़म से लगाते
यूं ही सब पैसे की बरबादी हो रही है
लोग कहते हैं
शादी हो रही है
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