गुरुवार, 9 जुलाई 2015

कुछ ऐसा हो तो-

मंदिर में हो आरती मुसलिम पढ़े नमाज
दोनों का सम्मान हो ऐसा बने समाज

गुरुद्वारे में गूंजती ग्रंथी की आवाज
गिरजाघर में पोप को माने सकल समाज

ऐसी अपनी कामना होवे सबको खाज
राज नहीं तो खाज में
लूटे मजा समाज

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सच्‍चाई की है आहट
डर कर मत दूर हट