रविवार, 28 फ़रवरी 2010

शुभ काम न आएं

भल्‍ले गुझिया पापड़ी खूब उड़ाओ माल
खा खा कर हाथी बनो मोटी हो जाए खाल
फिरो मजे से बेफिक्री से होली में,
मंहगाई में कौन लगाए चौदह किला गुलाल

5 टिप्‍पणियां:

  1. आपके आने से होली का आनंद दोगुना हुआ , आभारी हूँ ! स्नेह के लिए धन्यवाद ! ईश्वर से आपके लिए प्रार्थना होगी !
    सादर

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  2. उड़नतश्‍तरी में बैठ कर उड़ायेंगे
    खाने वाले खूब खायेंगे
    उड़ने वाले ही रंग भी बिखरायें
    होली के गाने गायेंगे फिर होली में
    महंगाई में पानी भी बचायेंगे
    रंग लगेगा उसे नहीं छुडायेंगे
    उसे दीवाली तक ले बचायेंगे।

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  3. गुजिया कचौड़ी खायेंगे
    फिर मिलकर फाग गायेंगे
    रंग उत्सव की शुभकामनाये ....

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  4. ये रंग भरा त्यौहार, चलो हम होली खेलें
    प्रीत की बहे बयार, चलो हम होली खेलें.
    पाले जितने द्वेष, चलो उनको बिसरा दें,
    खुशी की हो बौछार,चलो हम होली खेलें.


    आप एवं आपके परिवार को होली मुबारक.

    -समीर लाल ’समीर’

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टिप्‍पणी की खट खट
सच्‍चाई की है आहट
डर कर मत दूर हट