मंगलवार, 15 जून 2010

सही कहा नेहरू जी ने...............

पुराने बच्चे


पुराने बच्चे
भ्रष्‍टाचारी हो गये
वैमनस्य का बीज बो गये
बस्तियों में आग लगाकर झांक रहे हैं
देश की कीमत आंक रहे हैं
इन्हीं पुराने बच्चों ने मंदिर बनाया
इन्हीं पुराने बच्चों ने मस्जिद बनाई
खूब की है ह-राम की कमाई
इन पुराने बच्चों ने जिंदगी को
अपने मन से जिया है
इन्हीं पुराने बच्चों ने
आदमी का खून पिया है
हम हैरान हैं
ये पुराने बच्चे, पिशाच हैं, शैतान हैं
ऐसा लगता है ये अभी भी प्यासे हैं
वरना नेहरू जैसा महान व्यक्ति
ये वक्तव्य क्यूं देता
आज के बच्चे कल के नेता

9 टिप्‍पणियां:

  1. वाकई, नेहरु जी ऐसा क्यूँ कहते...बढ़िया!

    उत्तर देंहटाएं
  2. नमस्ते,

    आपका बलोग पढकर अच्चा लगा । आपके चिट्ठों को इंडलि में शामिल करने से अन्य कयी चिट्ठाकारों के सम्पर्क में आने की सम्भावना ज़्यादा हैं । एक बार इंडलि देखने से आपको भी यकीन हो जायेगा ।

    उत्तर देंहटाएं
  3. achchhee rachna hai steek

    nehru jee aisa keh gye
    aaz ke bachche kal ke neta
    aaz ke neta neta
    par aaz ka neta bhaarat ratan paane ko rota
    1944 me pehli baar dershan kiye the dehli me
    gandhi jee, kayide azam jinna ali khaan

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुंदर...बच्चे तो ऐसे ही हैं अब...साधुवाद

    उत्तर देंहटाएं
  5. हरापन में
    मन का म
    बीच में रखेंगे
    तो ...
    मन को लगाओ
    पर ऐसी जगह
    से हटाओ।

    चाहे न से नेहरू
    या न से नेता
    पर नेता हो जाए
    न से नंगा
    नहीं किसी को फबता
    पर आदत से मजबूर।

    उत्तर देंहटाएं
  6. इन्ही पुराने बच्चों की नेमते तो हम बाँट रहे है
    मौका मिलते ही अपने अज़ीजो को भी काट रहे हैं
    सच कहा है

    उत्तर देंहटाएं

टिप्‍पणी की खट खट
सच्‍चाई की है आहट
डर कर मत दूर हट