सोमवार, 26 जनवरी 2009

विडंबना

जब तक सीखा आदमी, जीवन का कुछ सार
फिसल गई सब जिंदगी, खुला मौत का द्वार

4 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत अच्‍छा.....गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएं।

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  2. बिल्कुल सही।
    घुघूती बासूती

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  3. सत्य वचन!!


    आपको एवं आपके परिवार को गणतंत्र दिवस पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं.

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  4. विशेषज्ञों की सदा से होती रही पुकार
    उधर भी दरकार है मान ले मेरे यार

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टिप्‍पणी की खट खट
सच्‍चाई की है आहट
डर कर मत दूर हट