वैसे तो मुझे बचपन से ही समाचार पत्र पढ़ने में बेहद रूचि रही है। इसी क्रम में एक दिन मैंने एक इंटरव्यू पढ़ा। यह इंटरव्यू था उस समय के विख्यात बल्लेबाज श्री सुनिल मनोहर गावस्कर का । अपने इस इंटरव्यू में गावस्कर ने जो भविष्यवाणी की थी वह कुछ यूं थी '' लोग ये सोचते हैं कि जब मैं क्रिकेट से संन्यास ले लूंगा तो भारतीय टीम का क्या हाल होगा......... ऐसा कुछ नहीं होने वाला। और जो होने वाला है वह किसी चमत्कार से कम नहीं होगा। जी हां .... आने वाले समय में भारतीय टीम को एक ऐसा खिलाड़ी मिलेगा जो गावस्कर को भुला देगा । जी हां .... उसका नाम है ' सचिन '
इस इंटरव्यू में गावस्कर द्वारा की गयी इस भविष्यवाणी को मैं भुला नहीं पाया और जब भी भारतीय टीम का चयन होता तो में उस सचिन को तलाशता था। यूं ही एक दिन जब सचिन का सलैक्शन हुआ टीम के लिए तो मुझे गावस्कर की बात याद हो आयी और सच में जो गावस्कर ने काफी समय पहले कहा था वो सब सरासर सच साबित हुआ और अब यह सच सारी दुनिया के सामने है तथा सारी दुनिया इस महान बल्लेबाज को प्रणाम कर रही है। इस महान बल्लेबाज को मेरा भी प्रणाम और इसके बल्ले को शत शत प्रणाम। हमारे देश के लिए पूजनीय है, दुलारा है सचिन.... मैं अपने को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मैं उस समय को जी रहा हूं जब सचिन मेरे सामने शतक लगा रहा है।
रविवार, 15 नवंबर 2009
बुधवार, 28 अक्टूबर 2009
मिल कर इसका नाम विचारो
एक पैर का संत महान
जिस बिन हम होंगे बेजान
इस गूंगे के हाथ हजारों
मिल कर इसका नाम विचारो
जिस बिन हम होंगे बेजान
इस गूंगे के हाथ हजारों
मिल कर इसका नाम विचारो
शनिवार, 24 अक्टूबर 2009
नाम बता क्या मेरा
ग्रेफाइट की बाडी मेरी लकड़ी के हैं कपड़े
हर कोई उपयोग में लाता हाथ में पकड़े पकड़े
रंग बिरंगी प्यारी प्यारी बड़ा नुकीला चेहरा
तेरे अंदर बुद्वि है तो नाम बता क्या मेरा
हर कोई उपयोग में लाता हाथ में पकड़े पकड़े
रंग बिरंगी प्यारी प्यारी बड़ा नुकीला चेहरा
तेरे अंदर बुद्वि है तो नाम बता क्या मेरा
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2009
गुरुवार, 22 अक्टूबर 2009
ढूढ़ों अपने कान में
अंक डंक रंक में गुडि़या जी की फ्राक में
कलियों में मुस्काता रहता देखो अपनी नाक में
सड़क किनारे रहता हूं मैं बीचों बीच मकान में
नहीं मिला तो अक्ल लड़ाओ ढूढ़ों अपने कान में
कलियों में मुस्काता रहता देखो अपनी नाक में
सड़क किनारे रहता हूं मैं बीचों बीच मकान में
नहीं मिला तो अक्ल लड़ाओ ढूढ़ों अपने कान में
शनिवार, 17 अक्टूबर 2009
शुभकामनाएं
नगर धुएं से भरा, सांस हुई दुश्वार
बम पटाखे फुलझड़ी, मत फूंको मेरे यार
आज की दिवाली पर हमने और हमारे बच्चों ने आतिशबाजी का प्रयोग नहीं किया है।
बम पटाखे फुलझड़ी, मत फूंको मेरे यार
आज की दिवाली पर हमने और हमारे बच्चों ने आतिशबाजी का प्रयोग नहीं किया है।
मंगलवार, 13 अक्टूबर 2009
औटो चलो कपास
कहीं नहीं औलाद की मेरे बिन औकात
औरत के सम्मुख रहा चलो बताओ बात
मैं और तू के बीच में खोजो करो प्रयास
नहीं मिला तो दण्ड में औटो चलो कपास
पिछली पहेली का उत्तर है ' घड़ी '
औरत के सम्मुख रहा चलो बताओ बात
मैं और तू के बीच में खोजो करो प्रयास
नहीं मिला तो दण्ड में औटो चलो कपास
पिछली पहेली का उत्तर है ' घड़ी '
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